में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने वाली कंपनी एमएसडब्ल्यू को एक बार फिर नगर निगम के अधिकारी उपकृत करने की तैयार में हैं। बगैर बिलों, कचरे का सत्यापन कराए ही दो करोड़ रुपये के भुगतान की तैयार चल रही है। लगातार मनमानी सामने आने व पूर्व में हुई जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई कंपनी पर नहीं की। सिर्फ भुगतान कर दिया जा रहा है।
Making Arbitrary Payments To Katni MSW Company
कटनी. शहर में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करने वाली कंपनी एमएसडब्ल्यू को एक बार फिर नगर निगम के अधिकारी उपकृत करने की तैयार में हैं। बगैर बिलों, कचरे का सत्यापन कराए ही दो करोड़ रुपये के भुगतान की तैयार चल रही है। लगातार मनमानी सामने आने व पूर्व में हुई जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई कंपनी पर नहीं की। सिर्फ भुगतान कर दिया जा रहा है। हालांकि कंपनी एमएसडब्ल्यू द्वारा भी अब भुगतान रुकने से कचरा उठाव करने से हाथ खड़े किए जा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि कई माह से नगर निगम द्वारा भुगतान नहीं किया गया, जिससे काम में परेशानी हो रही है। कंपनी के क्वार्डिनेटर अलोक कुमार ने बताया कि सितंबर माह से भुगतान बकाया है। ढाई करोड़ रुपये से अधिक राशि बकाया है। दिसंबर 15 से व जनवरी और फरवरी का डीजल का 72 लाख रुपये बकाया है। इससे कर्मचारियों का वेतन नहीं हो पा रहा। मंगलवार से गाड़ी खड़ी कर दी जाएगी।
75 से 80 टन कचरा
22 मार्च को जनता कफ्र्यू और फिर 23 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है। इसमें अधिकांश मार्केट बंद है। नगर निगम और कंपनी के बीच 2015 में 2021 तक के लिए अनुबंध अनुसार 65 टन कचरे का हुआ है। लॉकडाउन में भी कंपनी द्वारा एवरेज 75 से 80 टन कचरा प्रतिदिन निकलना बताया जा रहा है। नाली के सिल्ट से भी कचरा बढ़ाया जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि इस काम की मॉनीटरिंग के लिए अलग से नोडल अधिकारी, स्वतंत्र एजेंसी नियुक्ति है जिसे हर माह 5 लाख रुपये दिया जा रहा है इसके बाद भी मनमानी जारी है।
नगर निगम ने शहर में उतारे कई वाहन
कोविड -19 कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए नगर निगम द्वारा और मुस्तैदी से से सेनेटाइजेशन क काम शुरू किया गया है। वार्डो का रूटचार्ट बनाकर चार्ट अनुसार सुबह 8 बजे से सेनेटाइजेशन कराया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि 19 अप्रेल से 27 अप्रेल तक 9 दिवसीय वार्डों के सेनेटाइजेशन कार्य के लिए पांच वाहनों में निगम के ड्राईवरों की डयूटी लगाई गई है। वाहनों के माध्यम से रोजाना तीन-तीन वार्डों प्रतिदिन 15 वार्डो में सेनेटाइजेशन किया जा रहा है। 20 अप्रैल को वार्ड क्रमांक 4 से 6, दूसरी गाडी से वार्ड क्रमांक 13 से 15, तीसरे वाहन से वार्ड क्रमांक 22 से 24, चौथे वाहन से वार्ड क्रमांक 31 से 33 एवं पावचे वाहन से वार्ड क्रमांक 40 से 42 तक सेनेटाइजेशन का कार्य कराया जाएगा। इसी तरह 21 अप्रैल को प्रथम वाहन से वार्ड क्रमांक 7 से 9, द्वितीय वाहन से वार्ड क्रमांक 16 से 18, तृतीय वाहन से वार्ड 25 से 27 चतुर्थ वाहन से वार्ड 34 से 36 एवं पांचवे वाहन से वार्ड 43 से 45 तक के वार्डो में सेनिटाइजेशन का कार्य कराया जाएगा। 22 अप्रैल से पुन: वाहनों के माध्यम से उपरोक्त क्रम में ही सेनेटाइजेशन का कार्य निरंतर जारी रहेगा। सोडियोम हाईपोक्लोराईड के घोल से सेनेटाइज का कार्य फायर वाहन, एवं अन्य वाहनों व स्प्रे पंप के माध्यम से रोजाना कराया जा रहा है।
इनका कहना है
भुगतान तय-नियम और शर्त के अनुसार ही कराया जाएगा। यदि कहीं पर गड़बड़ी हो रही है तो इसकी जांच कराएंगे। मनमानी सामने आने पर कार्रवाई होगी। पूर्व में हुई जांच रिपोर्ट के संबंध में भी पता कराया जाएगा। अभी लॉकडाउन के चलते ज्यादा फोकर आवश्यक कार्यों पर है।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम
source- patrika